Self-assessment

सवाल ये नहीं की तुझे कोई समझा क्यूं नही,क्यूं की तेरी सख्शीयत उनके सोच के परे है..सवाल ये नहीं की तेरे जज्बातों को किसीने सुना क्यूं नही,क्यूं की वो मसरूफ है दिखावे में, की एहसास उनके समझ के परे है… तू क्या है ये तू खुद है जानता..तेरी काबिलियत ये दुनिया है मानता.. एक दफाContinue reading “Self-assessment”

शिखर

हर सुबह सूरज भी करे एक नई शुरुवात…फिर तू क्यूं हिचकिचाता है।शिखर पर पहुंचने की कोशिश में चींटी,गिरता है बार बार और बार बार वो चढ़ता है ।गिरते संभालते हर बार एक नई सिख मिलेगा तुझे…मगर हौसले बुलंद हो तो एक दिन शिखर खुद आवाज देगा तुझे… Written by Prabhamayee Parida