Self-assessment

सवाल ये नहीं की तुझे कोई समझा क्यूं नही,क्यूं की तेरी सख्शीयत उनके सोच के परे है..सवाल ये नहीं की तेरे जज्बातों को किसीने सुना क्यूं नही,क्यूं की वो मसरूफ है दिखावे में, की एहसास उनके समझ के परे है… तू क्या है ये तू खुद है जानता..तेरी काबिलियत ये दुनिया है मानता.. एक दफाContinue reading “Self-assessment”

A new beginning…

Thank you #vivstrings for this honour. Un Dino Ka Pyaar !!! Bringing this to you with Living Refresh & #Vivstrings Tune in to Spotify:https://open.spotify.com/album/11TPZUJh2r7j6xaeTLZr2t Youtube:-https://www.youtube.com/watch?v=tRlYUkTV5Ic All this happened a month ago while I was surfing LivingRefresh poetries and this tune Instantly occupied my mind.An honest composition attempt from my so-called home studio . Enjoy !!!

Does love exist??

प्यार की परिभाषा तो जैसे बदल सी गई है..माफ करना जनाब,अब तो प्यार जैसा कोई शब्द रह ना गया है.. क्यूं की लोग आज कल मुफीद होगए हैं..ख्वाबों की दुनिया से अब वाकिब जो नही हैं… जीने लगे हैं मौजूदा वक्त में,कोई उम्रभर के लिए अब इंतजार ना करता…एहसाह और जज्बातों की कोई जीकर नाContinue reading “Does love exist??”

कश्मकश ज़िंदगी की

आज वक्त के लहरों में खुद को झांका,तकदीर के खोज में कहीं कुछ बदला तो नहीं…गुजरासा वक्त और बदले हालात में,इम्तिहान मेरा तब भी था और आज भी है यहीं… यादों की धागे में खुद को बांधने की आदत जो है,ज़िंदगी के बदलाव में खुद को ढालने की मशक्कत भी है..एक पल में महफिल तोContinue reading “कश्मकश ज़िंदगी की”

एक रिश्ता – डायरी के साथ

खुशियों से है नाराजगी,पलकों को इश्क है अश्कों से..लाख मरतबा किया कोशिशनाता टूट जाए कलम से… नींद की है शिकायत मेरे तहरीर से,पलकों को ना जगाया कर..भावनाओं की भी है यही गुजारिश,दास्तान मेरी जिंदगी का सुन लिया कर.. लब खामोश ही महफूज है,बोलने की जुरमाना अदा जो कर चुके हैं…अब तो अल्फाजों को नज़्म मेंContinue reading “एक रिश्ता – डायरी के साथ”

Poetry for Sushant Singh Rajput

बीत गया बरस तेरे गैर मजूदगी में,मगर तेरे यादों ने हमें भुलाने ना दिया..तू वो चमकता सितारा था लोगों के दिल में,और तेरे सक्षियत ने तुझे अहम किस्सा बना दिया.. इंतकाल तेरा रहस्य से भरा,जो झूठ के कफन से दफन होगया..शायद लड़ा था तू किसी सच को बेनकाब करने में,आज वो सच भी कहीं पीछेContinue reading “Poetry for Sushant Singh Rajput”

ये उन दिनों का प्यार था..

बात होती थी इशारों सेऔर इशारे में दिल इकरार करता था…आंखों ही आंखों में अक्सर दिल अपना हाल बयान करता था…इजहार करना नहीं था इतना आसान,क्यूं की वो लफ्ज़ होठों पर आने से कतराया करता था…ये उन दिनों का प्यार थाये उन दिनों का प्यार थामासूमियत से भरा ये, उन दिनों का प्यार था…. चिट्ठीContinue reading “ये उन दिनों का प्यार था..”

My mother

मेरी मां…एक अकेली तू कितना संभालती है..दुनिया भर का बोझ अपने कंधो में जो डालती है..ना दी मौका कभी हमे तकलीफ उठाने को,हस हस कर खुद ही हमारी तकलीफ झेल जाति है… मेरी मां,मांगा कभी तो तूने माना नही किया..पापा को गुजारिश करके, बात भी मनवाया..जब कभी हुई गलतियां हमसे,सुधारने के लिए तूने छड़ी भीContinue reading “My mother”

Truth & Lie

Portrayed my thoughts into Poetry after watching a “Web Series – illegal…” सच झूठ के इस जंग में,सच कहां जीत पाया है…सच को सच साबित करने में,किसी ने मौत को गले लगाया है… झूठी ज़िंदगी और दिखावे का रुतबा,बदल गया है फितरत भला किसे करे शिकवा.. ना कर वक्त बरबाद अपना ,झूठ को बेनकाब करनेContinue reading “Truth & Lie”

Topic – Fire

दिल में जलाए रखना ये आग 🔥 तू,खुद को बेहतर बनाने के लिए….उस आग 🔥 में खुद को जला मत देना,किसी और की दुनिया आबाद करने के लिए… बन जायेगा तू राख एक दिन,लोगों की मुश्किलों को समेट ते समेट ते…राख भी दरिया में बह जायेंगे एक दिन,खुद की ख्वाइशों को मिटाते मिटाते… तेरी तसव्वुरContinue reading “Topic – Fire”