सादगी

मेरी सादगी और मासूमियत पर मुझे गुरूर है,क्या हुआ जो लोग अक्सर दगा दे जाते हैं…तस्सली बस इस बात की है,कम से कम, अपने नजरों में सर उठा कर जीते हैं… ✍🏻 Prabhamayee Parida

खुद से कर प्यार..

नादान थी पहले जो दूसरों पर इल्जाम लगाती थी,अपनी तकलीफों के लिए औरों को जिम्मेदार ठहराती थी, वक्त यूं गुजरता चला,खुद को ये मन बहलाता चला,किया भी शिद्दत औरों को खुश करने की,फिर भी प्यार में ठोकर मिलता चला, दिल को भुल कर जब दिमाग से किया सवाल,जवाब ये मिला “तुम हो बेमिसाल”,मगर गलती औरोंContinue reading “खुद से कर प्यार..”