Happy mother’s day

खुदा से भी ऊंची दरजा है तेरी,
तेरी कोख से सुरु होती दुनिया ये मेरी,
ये जिंदगी तेरी ही देन है मा,
तेरे जैसी ना कोई और है मा।

उंगली पकड़ के चलना तूने सिखाया,
हर मोड़ में मिला मुझे तेरा साया,
इस दुनिया से लड़ पाऊं अपनी वजूद के खातिर,
इस काबिल तूने आज मुझको बनाया।

तेरे गुस्से में भी तेरा प्यार नजर आए,
मेरी लिए तू पूरी दुनिया से लड़ जाए,
ममता की मूरत है तू,
खुदा की इबादत है,
तेरी तारीफ में शायद ये अल्फाज भी कम पड जाए।

Happy mother’s day।
Written by prabhamayee parida

Gulab – 🌹 Rose

चाहे करना हो प्यार का इजहार,
या फिर हो दोस्ती की शुरूवात,
रूठे यार को मनाना हो,
या हो अपने मेहबूब से मुलाक़ात,
अपनी खुसबू और खूबसूरती से लुभाता है ये गुलाब🌹
कहते हैं प्यार की परिभाषा है ये गुलाब🌹

कभी किताबों के बीच याद बनके रेहजाती है,
मुरझाए पंखुड़ियां भी बीती कहानी बयान करजाती है,
होती जीकर उसकी कवि की कविताओं में,
या किसी ग़ज़ल के पंक्तियों में या फिर शीर्षक बनजाते हैं।

कांटो से जुड़कर भी कुछ खास है, ये गुलाब🌹
कहते हैं प्यार की परिभाषा है ये गुलाब🌹

Happy rose day to all।

Written by prabhamayee parida

#Truth-lie ( sach-jhooth)

कहते हैं भरोसे पे दुनिया कायम है,
पर ये भरोसा है कहां?
झूठ इस कदर चारोऔर छाया है,
सच को नाजाने में ढूंडू कहां?

कभी अनजाने में जूठ को यकीन करलिया था,
अब तो होशो आवाज़ में जुठ को सच मान लेती हूं।
क्या करूं, ये कमबख्त ईमानदारी हमसे छूटती नहीं,
अब तो हर हाल में खुदगर्ज बन जाना चाहती हूं।

हर रिश्ते के खातिर, या कहूं हर मुकाम के लिए,
खुद को साबित किया हमने।
फिर भी जिस दर्जे के काबिल है हम,
उससे ना कभी पाया हमने।

जेहन में इतना है सवाल,
पर जवाब आज तक ना मिला।
इस फरेबी दुनिया में सच जु्ठ का,
चलता रहेगा ये सिलसिला।

Written by prabhamayee parida