Poetry for Sushant Singh Rajput

बीत गया बरस तेरे गैर मजूदगी में,मगर तेरे यादों ने हमें भुलाने ना दिया..तू वो चमकता सितारा था लोगों के दिल में,और तेरे सक्षियत ने तुझे अहम किस्सा बना दिया.. इंतकाल तेरा रहस्य से भरा,जो झूठ के कफन से दफन होगया..शायद लड़ा था तू किसी सच को बेनकाब करने में,आज वो सच भी कहीं पीछेContinue reading “Poetry for Sushant Singh Rajput”

ये उन दिनों का प्यार था..

बात होती थी इशारों सेऔर इशारे में दिल इकरार करता था…आंखों ही आंखों में अक्सर दिल अपना हाल बयान करता था…इजहार करना नहीं था इतना आसान,क्यूं की वो लफ्ज़ होठों पर आने से कतराया करता था…ये उन दिनों का प्यार थाये उन दिनों का प्यार थामासूमियत से भरा ये, उन दिनों का प्यार था…. चिट्ठीContinue reading “ये उन दिनों का प्यार था..”

My mother

मेरी मां…एक अकेली तू कितना संभालती है..दुनिया भर का बोझ अपने कंधो में जो डालती है..ना दी मौका कभी हमे तकलीफ उठाने को,हस हस कर खुद ही हमारी तकलीफ झेल जाति है… मेरी मां,मांगा कभी तो तूने माना नही किया..पापा को गुजारिश करके, बात भी मनवाया..जब कभी हुई गलतियां हमसे,सुधारने के लिए तूने छड़ी भीContinue reading “My mother”