#valentineday or #truelove

किसी तारीख कि जरूरत नहीं
अपने प्यार के इजहार के लिए…
क्यूं की गुनाह नहीं अपने इश्क को जाहिर करना।

किसी मौके कि इंतज़ार नहीं
किसीको तोफो से नवाजने के लिए..
इबादत मिलती है कीसिके होटों पे मुसकुराहट भरना।

बेवशी इतनी है गालिब,
हर किसीको मुकम्मल ना होती..
अपनी जज्बात बयान करने को।
वरना किसी “वेलेंटाइन डे” की जरूरत
ना होती, अशिकी में मर मिटने को।

आजकल प्यार में एहसास तो नहीं
पर दिखावा बेशुमार है….
कभी वो एहसास ही भरलो जनाब
उतरेगा नहीं, क्यूंकि ये इश्क की बुखार है।

Written by prabhamayee Parida

New year ( New beginning)

I know i am late to post this poem. But still love to…

एक नया साल, एक नई सदी की शुरुआत होगेई,
कहीं कहानी ख़तम हुई तो कुछ नई कहानी बन गई।

बस यादें रेहगए , कुछ खट्टे कुछ मीठे…
बिगड़े रिश्ते जुड़े कहीं तो ,
कहीं कुछ अपने है रूठे।

इस सदी ने भी नजानें रचे कितने कहानियां..
वक्त के साथ पनपते अरमानों की रवानियां..

ऐसे ही कुछ किस्सों से भरी
मेरे डायरी के पन्ने..
अलफाजों से लिपटी कविताएं
जो सुनाते हजारों सपने..

सच हो ये सपने ,ये जरूरी नहीं..
फिर भी उस सपने को जीने की आश ज़िंदा है कहीं।

Written by prabhamayee Parida

ख़ामोशी – #Silence

क्यूं ये हवा बेरुखी सी है…
राहें भी कुछ धुंधली सी है..
ख़ामोश रहती हूं अक्सर आज कल,
फिर भी सोर सेहनई सी गूंजती है।

झिझक ती हूं बयान करने से…
क्यूं की लोग अक्सर सलाह अपने सहूलियत से देते हैं।
गुजरते हैं हम उलझनों से…
पर चंद बातों से लोग उपाय भी तय करते हैं।

अपने जज्बात जाहिर करने से बेहतर है ख़ामोश रहना…
गुमशुदा ना हो जाए , जरूरी है ख़ामोशी को कलम के लीवाज में रखना।

Written by prabhamayee Parida

Thanks Note

Dear All,

I used to write my poems in my diary. 2yrs back I had Started this website so that I can upload my poems & quotes . With my limited time however I publish my post here. I am not an expert in poetry or photography. But I love to write. Today I am having more than 500 followers ( including 120 bloggers) which I never expected.

Thanks to all for your support in terms of your likes . It motivates me to continue my blogging.

#2yrscompletion

#achievement