I just Wish

Kash -1

काश हुम् आज ये काश न कहते,
बीते हुए वक़्त के पन्ने पलट पाते,
सीसे में जब हमने खुदको तरसा,
सोचा काश हुम् अपनी किस्मत बदल पाते।

हुई हमसे गलतियां ,
काश हुम् ये उस पल समझ पाते,
अनसुनी की हमने अपनो की सलाह,
काश सच्चाई को तब मान ही लेते,
ज़िंदगी कुछ और होती अब,
काश दिल के बदले हुम् दिमाग की सुन लेते।

Kash -2

काश तुमसे हुम् मिले न होते,
काश हमे तुमसे प्यार न होता ।

काश हिम्मत होती इक़रार करने की,
काश इनकार से ये दिल न डरता।
होते हो जब साथ मेरे,
काश वो पल यूँही थम जाता।
कुछ कदम तुम्हारे साथ चलना चाहूँ,
ये दिल भी तुमसे गुजारिस न करता।

काश हम इजहार कर पाते
इस काश में कहीं वक़्त गुज़रना जाए।
फिर अचानक हो मुलाकात बरसो के बाद,
तब ये काश फिर कहीं काश न रहजाये।

Written by Prabhamayee Parida

Loneliness

जाना कहाँ हमे ये सवाल खुद से ही पूछें,
बस चलते जा रहे हैं, जिस मोड़ पे लेजाए ये ज़िंदगी।
कैसे बयान करें क्या चाहत है हमारी,
इस सोचमे और ,इस कशमकश में बिता रहे हैं ये ज़िंदगी।

यूँ तो ज़माने होगये अपने किस्से सुनाये हुए,
खुद से करते हैं बातें, क्यूं की औरसों बितगये किसीको अपना बनाये हुए।
कभी तन्हाई में मुस्कुराया और रोया भी,
क्यों कि महफिल में पाया तकलीफों का मज़ाक बनते हुए।

कहती है ये दुनिया अकेले जीना नही आसान,
ज़रूरी है , कोई अपना जो साथ निभाये उम्रभर।
हुम् खुदसे ही रूबरू होलेते हैं हर हाल में,
क्यों कि, किसीकी ज़रूरत बनने के लिए न तलाशे कोई हमसफर।

Written by Prabhamayee Parida

Missing those days

वो बचपन की बातें,
बरसो पुराने यादें,
मासूमियत से भरी,
छोटी छोटी सरारतें।

जमाना वो कुछ और था,
दिल मे सच्चा प्यार था,
ज़िंदा थी इंसानियत रगों में,
जीने का अंदाज़ कुछ और था।

अब न रहे वो रिस्तो में अपनापन,
भीड़ में भी सताये तन्हापन,
गुमनाम है इस्क्क़ कहीं
दिखावे के आड़ में,
पल पे खुशियां तो पल में है सूनापन।

आज रिस्ते बनते तो है,
पर चाहत से नही जरूरत से,
सादगी से नही सख्सियत से,
सायद मिले कोई हुम् जैसा
फिर भी है तलाश हमे औरसों से।

Written by prabhamayee parida

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Self motivation

वक़्त भी एक उलझती पहेली है,

कभी आंधी है मुस्किलो से भरा
तो कभी उमीद का सवेरा,
कभी टूटे सपनो का आशियाना
तो कभी अरमानों का बसेरा।

वक़्त के साथ यूँ चलते ही जाना है,
गिर भी जाए तो खुद ही संभलना है,
हार तो है बस पल भर का मेहमान
और जीत को हमसफर ही माना है।

डर न जाना तूफान से
लेहरों के संग तुझे बहते जाना है,
इन्तेहा तो लेती रहेगी ये ज़िन्दगी
कामियाबी तुझे हर हाल में पाना है।

Written by prabhamayee parida