#unconditionallove

Inspired by the song ” main phir bhi tumko chahunga”

किसी से बेइंतेहा मोहब्बत हम करे,
और वो भी हमें चाहने लगे,
… ये जरूरी नहीं ….

दा – उम्र हम उनका इंतजार करे,
और वो मीलजाए हमें ऐसी उम्मीद रखना,
…ये जरूरी नहीं….

दिल कहे उन पे कुर्बान हो जाएं,
बदले में शायद ही उनका प्यार नसीब हो,
…ये जरूरी नहीं…..

ए – खुदा,बस इतनी सी दुआ कबूल करना तुम,
चाहे पास कभी रहे य ना रहे हम,
कभी किसी मोड़ पे अगर जरूरत हो हमारी,
हर हाल में साथ देने वापस आयेंगे हम।

तुम संग बिताए कुछ याद ,
काफी है ये जिंदगी बिताने के लिए।
एक तरफा इस्क है ये,
किसी के चाह में खुद को मिटाने के लिए।

मिल जाओ कभी तो खुदा की इबादत होगी,
पर शायद कभी ना मिलो और ये प्यार कम हो जाए
…ये जरूरी नहीं…..

Written by prabhamayee Parida

#truelove #feelings

If you like my poem, do like, share and comment.

#Poetry

Wrote it after a long time..

लोगों को अक्सर ये सलाह देते हुए सुना है,
कब तक रहोगे अकेले , क्यूं कोई हमसफ़र नहीं चुना है।
ना होता हर कोई एक जैसा जो वफा ना निभाए,
मौका दो खुदको शायद ही कोई मिलजाए।

दिक्कत बस इतनी सी है जनाब:
आज कल का प्यार मेरे समझ से है परे,
दिल में हो ना हो , सोशियल मीडिया में दिखते हैं सारे।

कहते हैं,
नसीब वाले होते हैं वो,
जिन्हे अपना प्यार मुक्कमल होता है।
आज कल तो बरसो से जुड़ी हुई रिश्ते
एक पल में ही टूट जाता है।

कभी अपने हालात पे अफसोस मनाया करती,
शायद हूं बदनसीब हर लम्हा ये सोचा करती।

ए- खुदा एहसान ये तेरा मूझपे,
बेफिकर में जियुं अपने सर्तो पे।
ऐसा नहीं कि हमें कोई मिला नहीं,
गरूर कहो या हकीकत, मुझे अपने जैसा कोई दिखा नहीं।

Written by prabhamayee Parida

#like #share #comment

Happy mother’s day

खुदा से भी ऊंची दरजा है तेरी,
तेरी कोख से सुरु होती दुनिया ये मेरी,
ये जिंदगी तेरी ही देन है मा,
तेरे जैसी ना कोई और है मा।

उंगली पकड़ के चलना तूने सिखाया,
हर मोड़ में मिला मुझे तेरा साया,
इस दुनिया से लड़ पाऊं अपनी वजूद के खातिर,
इस काबिल तूने आज मुझको बनाया।

तेरे गुस्से में भी तेरा प्यार नजर आए,
मेरी लिए तू पूरी दुनिया से लड़ जाए,
ममता की मूरत है तू,
खुदा की इबादत है,
तेरी तारीफ में शायद ये अल्फाज भी कम पड जाए।

Happy mother’s day।
Written by prabhamayee parida

Gulab – 🌹 Rose

चाहे करना हो प्यार का इजहार,
या फिर हो दोस्ती की शुरूवात,
रूठे यार को मनाना हो,
या हो अपने मेहबूब से मुलाक़ात,
अपनी खुसबू और खूबसूरती से लुभाता है ये गुलाब🌹
कहते हैं प्यार की परिभाषा है ये गुलाब🌹

कभी किताबों के बीच याद बनके रेहजाती है,
मुरझाए पंखुड़ियां भी बीती कहानी बयान करजाती है,
होती जीकर उसकी कवि की कविताओं में,
या किसी ग़ज़ल के पंक्तियों में या फिर शीर्षक बनजाते हैं।

कांटो से जुड़कर भी कुछ खास है, ये गुलाब🌹
कहते हैं प्यार की परिभाषा है ये गुलाब🌹

Happy rose day to all।

Written by prabhamayee parida

#Truth-lie ( sach-jhooth)

कहते हैं भरोसे पे दुनिया कायम है,
पर ये भरोसा है कहां?
झूठ इस कदर चारोऔर छाया है,
सच को नाजाने में ढूंडू कहां?

कभी अनजाने में जूठ को यकीन करलिया था,
अब तो होशो आवाज़ में जुठ को सच मान लेती हूं।
क्या करूं, ये कमबख्त ईमानदारी हमसे छूटती नहीं,
अब तो हर हाल में खुदगर्ज बन जाना चाहती हूं।

हर रिश्ते के खातिर, या कहूं हर मुकाम के लिए,
खुद को साबित किया हमने।
फिर भी जिस दर्जे के काबिल है हम,
उससे ना कभी पाया हमने।

जेहन में इतना है सवाल,
पर जवाब आज तक ना मिला।
इस फरेबी दुनिया में सच जु्ठ का,
चलता रहेगा ये सिलसिला।

Written by prabhamayee parida

Intezar Aur sehi # Waiting

इम्तहान यूं जिंदेगी लेती रही,
कायनात भी ये इसरा देती रही,
मंजिल अब जादा दूर नहीं,
बस थोड़ा इंतजार और सही।

पाने की ख्वाहिश तो है,
पर इंतजार रहेगा उम्र भर,
शिद्दत से कौशिश करेंगे हम,
बाकी ना रहेगी कोई कसर।

उम्मीद तो है पर निश्चित नहीं में,
ये चाह मुकम्मल होगी या नहीं,
पर ये दिल भी हमसे कहता यही,
बस थोड़ा इंतजार और सही।

Written by prabhamayee parida

#Reality

An incident which actually inspired me alot.

अक्सर मैं अपनी तकलीफों से रोती,
जो मांगा, क्यूं ना मिला ये अब्सोस मनाती,

पर आज जब आंख खुली और नजर घुमाया चारो ओर,
उन लोगों की बेबसी गूंजे बार बार बनके शोर।

सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान है उसका,
खुले छत की दुकान बनगया था मकान उसका।

उलझन हुई इस दिल को तो हमने आखिर पूछ ही लिया,
ये सर्द भरी रात और खुली आसमान को हमसफर क्यूं बनाया?

अपनी मुश्किलों को मुस्कुराहट के लीवाज पे छुपाते हुए,
“ऐसे ही जी लेते हैं” जवाब दिया अपनी किस्मत को गले लगाते हुए,
हर हाल में खुश रहना तो जिंदगी है,ये अब समझा हमने,
एक ही पल में, सपनों के दुनिया से निकल के आखिर हकीकत से वाकिब जो हुए।

Written by prabhamayee parida