#Reality

An incident which actually inspired me alot.

अक्सर मैं अपनी तकलीफों से रोती,
जो मांगा, क्यूं ना मिला ये अब्सोस मनाती,

पर आज जब आंख खुली और नजर घुमाया चारो ओर,
उन लोगों की बेबसी गूंजे बार बार बनके शोर।

सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान है उसका,
खुले छत की दुकान बनगया था मकान उसका।

उलझन हुई इस दिल को तो हमने आखिर पूछ ही लिया,
ये सर्द भरी रात और खुली आसमान को हमसफर क्यूं बनाया?

अपनी मुश्किलों को मुस्कुराहट के लीवाज पे छुपाते हुए,
“ऐसे ही जी लेते हैं” जवाब दिया अपनी किस्मत को गले लगाते हुए,
हर हाल में खुश रहना तो जिंदगी है,ये अब समझा हमने,
एक ही पल में, सपनों के दुनिया से निकल के आखिर हकीकत से वाकिब जो हुए।

Written by prabhamayee parida

Ek nayi suruwat – a fresh start

ज़िन्दगी कभी खतम नहीं होती,
खतम होते हैं पुराने किस्से
नए सुरूवात के लिए।
मुड़ गए हम एक नए राह पर,
बीते कल को भुलाने के लिए।

माना कि चुनना था मुश्किल,
जरूरत और सकून के बीच,
हमने तसल्ली को चुनना मुनासिफ समझा
खुद को ज़िंदा रखने के लिए।

Written by prabhamayee parida

##

Jindegi kabhi khatam Nehi Hoti,
Khatam Hote hain purane kisse,
Nayi suruwat ke liye.
Mud Gaye ek naye rah pe ,
Bite kal ko bhulane ke liye.
Mana ki chunna tha muskil,
Jarorat aur sakoon ke beech,
Humne tasali Ko chunna munasif samajha
Khudko Zinda rakhne ke liye.

Kehne Ko Humsafar hain

A thought came after watching the webseries
Kehne Ko Humsafar Hain Season 2 – Ronit Roy, Mona Singh
That thought made me to write this.

कहने को हमसफर हैं।
होती हैं बातें अक्सर,
चाहत नहीं जरूरत बनकर,
साथ होते तो हैं एक दूसरे के,
सायद मिलते हैं अजनबी होकर।

कहने को हमसफर हैं।
वो प्यार तो खो गया है,
वो पल तो कहीं गुम सा हुआ है,
रिश्तों की ज़िम्मेदारी निभाते चले
पर वो एहसास कहीं बूझ सा गया है।

केहन को हमसफर हैं।
पहले तो प्यार खुद से भी था जिसपे तुम मर मिटे थे,
कबसे हम खुद को भुला के तुमसे जुड़ चुके थे,
खयाल ये भी ना रहा कि हम तो हम रहे ही नहीं।
और एहसाह हुआ अब ए- हमसफर
तुम तो हो अब और कहीं।

Written by Prabhamayee Parida

The Moon & my imagination

इस मसरूफ जिंदेगी से रुकसत हुए हम,
तो नजर तुझपे आ गिरी,
ए चांद तेरे हुस्न को ताकते रहे
और ये दिल तुझपे बारी।

एक अकेला तू,
मिटा के रात का अंधेरा।
अपनी रोशनी से
करे ये जग उजियारा।
अल्फाज़ की कमी है तेरे दीदार को,
तुझ बिन तो
हर सवेरा भी है अधूरा।

#photography & #poetry

By @Prabhamayee parida

I am in love with myself

आज कौन हूं में ।
बरसो पहले कहीं गुम हुई थी,
कहीं वो तो नहीं…
पलकों में ऊंचाइयों के सपने बुनती थी,
कहीं वो तो नहीं…

आज खुश हूं खुदको पाके,
फिर से उड़ने की उमंग जगा के,
जो कल धूल जमी थी आंखों में, आज
साफ किया गलतफहमी के पर्दे हटाके।

हां मै वही तो हूं,
चाहे हो लाखों मुश्किलें पर कभी सिकायत न की थी।
हां मै वही तो हूं,
अपनों के चेहरे पर मुस्कुराहट को अपना फ़र्ज़ मानती थी।
हां मै वही तो हूं,
नकामियाबी को हसके किया स्वागत पर उससे समझौता न की थी।

खुदको गले लगा के पूछा मैंने ये सवाल,
क्यों हो इतनी खास, जुदा हो तुम औरोंसे..
ना होगा कोई तुमसा,जा केहदो जमानेसे..

Written by prabhamayee parida

Diary – my best friend

औरसों से साथ दिया तूने,
खामोश रहके भी दर्द कम किया तूने,
लगता ऐसा के में तुझमें हुन और तु मुझमें,
मेरी कहानी को खुदमे समाया तूने।

तेरे पन्नो से जुड़ी है ज़िंदगी मेरी,
कुछ न कहा फिर भी सुना दास्तान मेरी,
राज़ रहेंगे मेरी कहानियां ये यकीन है तुज पे,
चाहे वो मुस्कुराहट के पल या जुड़ी हो आँसुओं से मेरी।

कुछ बातें दिल मे दफ़नाए पर जीकर किया तुजसे,
प्यारी यादें या हो टूटे बादें ,कभी न छुपाया तुजसे,
कभी गलेसे लगा के रोई तो कभी गुस्से से कुछ पन्नो को जलाया,
पर इस बदलती दुनिया मे, बस एक किताब नही तू,
जुड़ा गया है एक अनकही रिस्ता तुझसे।

Written by Prabhamayee Parida

Jai hind

Happy independence Day to all.

जश्न है अज़ादहिन्द की
देशभक्ति का है ये सोर,
इन्क़लाब – मेरा भारत महान के नारे देशभर में गूंजे चारो ओर.

तिरंगा मेरा ,
आसमान को चूमता
हवा में लहराता
देश के लिए हुए शहीदों के
कहानियां बतलाता
झुके हर सिर तिरंगा के आगे,
वतन से वफ़ा सिखलाता
फिर क्यों घोले हम आपस मे जहर,
न सहेंगे ये आतंक का कहर.

हो वो दुश्मन दूसरे मुल्क का,
या हो कोई देशद्रोही वो,
इस धरती की कसम, देश के लिए लेते हैं प्रण,.
न सुधरोगे तो कटेंगे सर.

Written by
Prabhamayee Parida