कश्मकश ज़िंदगी की

आज वक्त के लहरों में खुद को झांका,तकदीर के खोज में कहीं कुछ बदला तो नहीं…गुजरासा वक्त और बदले हालात में,इम्तिहान मेरा तब भी था और आज भी है यहीं… यादों की धागे में खुद को बांधने की आदत जो है,ज़िंदगी के बदलाव में खुद को ढालने की मशक्कत भी है..एक पल में महफिल तोContinue reading “कश्मकश ज़िंदगी की”

एक रिश्ता – डायरी के साथ

खुशियों से है नाराजगी,पलकों को इश्क है अश्कों से..लाख मरतबा किया कोशिशनाता टूट जाए कलम से… नींद की है शिकायत मेरे तहरीर से,पलकों को ना जगाया कर..भावनाओं की भी है यही गुजारिश,दास्तान मेरी जिंदगी का सुन लिया कर.. लब खामोश ही महफूज है,बोलने की जुरमाना अदा जो कर चुके हैं…अब तो अल्फाजों को नज़्म मेंContinue reading “एक रिश्ता – डायरी के साथ”

Poetry for Sushant Singh Rajput

बीत गया बरस तेरे गैर मजूदगी में,मगर तेरे यादों ने हमें भुलाने ना दिया..तू वो चमकता सितारा था लोगों के दिल में,और तेरे सक्षियत ने तुझे अहम किस्सा बना दिया.. इंतकाल तेरा रहस्य से भरा,जो झूठ के कफन से दफन होगया..शायद लड़ा था तू किसी सच को बेनकाब करने में,आज वो सच भी कहीं पीछेContinue reading “Poetry for Sushant Singh Rajput”

ये उन दिनों का प्यार था..

बात होती थी इशारों सेऔर इशारे में दिल इकरार करता था…आंखों ही आंखों में अक्सर दिल अपना हाल बयान करता था…इजहार करना नहीं था इतना आसान,क्यूं की वो लफ्ज़ होठों पर आने से कतराया करता था…ये उन दिनों का प्यार थाये उन दिनों का प्यार थामासूमियत से भरा ये, उन दिनों का प्यार था…. चिट्ठीContinue reading “ये उन दिनों का प्यार था..”

My mother

मेरी मां…एक अकेली तू कितना संभालती है..दुनिया भर का बोझ अपने कंधो में जो डालती है..ना दी मौका कभी हमे तकलीफ उठाने को,हस हस कर खुद ही हमारी तकलीफ झेल जाति है… मेरी मां,मांगा कभी तो तूने माना नही किया..पापा को गुजारिश करके, बात भी मनवाया..जब कभी हुई गलतियां हमसे,सुधारने के लिए तूने छड़ी भीContinue reading “My mother”

Truth & Lie

Portrayed my thoughts into Poetry after watching a “Web Series – illegal…” सच झूठ के इस जंग में,सच कहां जीत पाया है…सच को सच साबित करने में,किसी ने मौत को गले लगाया है… झूठी ज़िंदगी और दिखावे का रुतबा,बदल गया है फितरत भला किसे करे शिकवा.. ना कर वक्त बरबाद अपना ,झूठ को बेनकाब करनेContinue reading “Truth & Lie”

Topic – Fire

दिल में जलाए रखना ये आग 🔥 तू,खुद को बेहतर बनाने के लिए….उस आग 🔥 में खुद को जला मत देना,किसी और की दुनिया आबाद करने के लिए… बन जायेगा तू राख एक दिन,लोगों की मुश्किलों को समेट ते समेट ते…राख भी दरिया में बह जायेंगे एक दिन,खुद की ख्वाइशों को मिटाते मिटाते… तेरी तसव्वुरContinue reading “Topic – Fire”

Poetry – Tree

ए – नादान,क्यूं ये धरती को मिटाने चला है..हवाओं में जहर तू घोलने लगा है..ना काट इन पेड़ों को तू,खुद को तबाही के तरफ तू खींचने लगा है… ना मिलेगा छांव , धूप से बचने के लिए..ना नसीब होगी ताजी हवा, खुल के सांस लेने के लिए.. ना हवाएं सरसरायेंगे..ना पंछियों के आवाज से वादियांContinue reading “Poetry – Tree”

Humanity still exist

Short story – Humanity While having my lunch in a dhaba located in khandagiri ( Bhubaneswar) & chit-chating with group of friends, I restored a memory of one night few years back. A true story I had witnessed on humanity in that same dhaba . An old man came to the dhaba & asked forContinue reading “Humanity still exist”