कश्मकश

इस कश्मकश में खुद को उलझाए रखा था हमने,आसमान को जमीन से मिलाने की जिद्द जो की थी हमने,हर नामुमकिन कोशिश भी किया,और नतीजे की परवा न किया,थी जुनून आसमान में खुशियों का रंग बिखेरू..थी शिद्दत जमीन के इश्क से आसमान को करूं रूबरू.. अब जब हुआ सबेरा,और पर्दा उठा इस बेवकूफी से..चाहे करे कोशिशContinue reading “कश्मकश”

Self-assessment

सवाल ये नहीं की तुझे कोई समझा क्यूं नही,क्यूं की तेरी सख्शीयत उनके सोच के परे है..सवाल ये नहीं की तेरे जज्बातों को किसीने सुना क्यूं नही,क्यूं की वो मसरूफ है दिखावे में, की एहसास उनके समझ के परे है… तू क्या है ये तू खुद है जानता..तेरी काबिलियत ये दुनिया है मानता.. एक दफाContinue reading “Self-assessment”

Ishq ( Love )

The wordings of this poetry are of a Pakistani series “khuda aur mohabbat”. I had just converted those dialogues to poetry and add few lines from my end. इश्क कभी नाकाम नही होता, क्यूं की इश्क तो बस इश्क होता है…मिलजाये मेहबूब तो खुदा की इबादत,और ना मिले तो होता है इश्क की कसक,इश्क काContinue reading “Ishq ( Love )”

A new beginning…

Thank you #vivstrings for this honour. Un Dino Ka Pyaar !!! Bringing this to you with Living Refresh & #Vivstrings Tune in to Spotify:https://open.spotify.com/album/11TPZUJh2r7j6xaeTLZr2t Youtube:-https://www.youtube.com/watch?v=tRlYUkTV5Ic All this happened a month ago while I was surfing LivingRefresh poetries and this tune Instantly occupied my mind.An honest composition attempt from my so-called home studio . Enjoy !!!

Does love exist??

प्यार की परिभाषा तो जैसे बदल सी गई है..माफ करना जनाब,अब तो प्यार जैसा कोई शब्द रह ना गया है.. क्यूं की लोग आज कल मुफीद होगए हैं..ख्वाबों की दुनिया से अब वाकिब जो नही हैं… जीने लगे हैं मौजूदा वक्त में,कोई उम्रभर के लिए अब इंतजार ना करता…एहसाह और जज्बातों की कोई जीकर नाContinue reading “Does love exist??”

तलाश

दरबदर भटकते हैं तेरे तलाश में,ना तू दिखा ना तेरा इल्हाम आया…लफ्ज़ की नशियत मिलती हर दफा,पर तेरी मौजूदगी भी बेवजह आया… ✍🏻 prabhamayee parida