Jai hind

Happy independence Day to all. जश्न है अज़ादहिन्द की देशभक्ति का है ये सोर, इन्क़लाब – मेरा भारत महान के नारे देशभर में गूंजे चारो ओर. तिरंगा मेरा , आसमान को चूमता हवा में लहराता देश के लिए हुए शहीदों के कहानियां बतलाता झुके हर सिर तिरंगा के आगे, वतन से वफ़ा सिखलाता फिर क्योंContinue reading “Jai hind”

Self motivation -2

घड़ी के कांटे की तरा समय खूब तेजी से भागे, और उस वक्त के साथ पता न चला कब निकल आये इतने आगे. यूँ ही वक्त बदलता रहा, सफर युहीं चलता रहा. बदली दुनिया, लोग भी बदले, और वक्त के सुर में हम भी बदले, पर शान से स्वाभिमान से आज भी जीते है औरContinue reading “Self motivation -2”

A poem dedicated to myself

आज अचानक मुझे ये क्या हुए है, लगता है कुछ बदल रहा है, ये एहसास जो पहले कभी मेहसूस ना हुआ, मेरी किस्मत शायद अपनी राह मोड रही है। अपनी सक्सियत में भूल गई थी, ये नहीं थी में कभी, जो में बन चुकी थी, काश होती मेरी दुनिया अरों की तरह कल तक किस्मतContinue reading “A poem dedicated to myself”

#Happyfriendshipday 👫👭.

Dedicated to all my friends. #dosti #part-1इक खूबसूरत रिश्ता है ये दोस्ती,हर रिश्ते की बुनियाद है ये दोस्ती,उम्रभर निभाते चलो तो भी कम है,खुदा की रहमत है ये दोस्ती। #dosti #part-2 बचपन की मस्ती से लेकर जवानी के रंग,बीते वो हर पल यारों के संग।वो खट्टी मीठी यादें,और बिछड़ के मिलने की वो वादे।हर राहContinue reading “#Happyfriendshipday 👫👭.”

I just Wish

Kash -1 काश हुम् आज ये काश न कहते, बीते हुए वक़्त के पन्ने पलट पाते, सीसे में जब हमने खुदको तरसा, सोचा काश हुम् अपनी किस्मत बदल पाते। हुई हमसे गलतियां , काश हुम् ये उस पल समझ पाते, अनसुनी की हमने अपनो की सलाह, काश सच्चाई को तब मान ही लेते, ज़िंदगी कुछContinue reading “I just Wish”

Loneliness – Tanhai

जाना कहाँ हमे ये सवाल खुद से ही पूछें, बस चलते जा रहे हैं, जिस मोड़ पे लेजाए ये ज़िंदगी। कैसे बयान करें क्या चाहत है हमारी, इस सोचमे और ,इस कशमकश में बिता रहे हैं ये ज़िंदगी। यूँ तो ज़माने होगये अपने किस्से सुनाये हुए, खुद से करते हैं बातें, क्यूं की औरसों बितगयेContinue reading “Loneliness – Tanhai”

Missing childhood moments

वो बचपन की बातें, बरसो पुराने यादें, मासूमियत से भरी, छोटी छोटी सरारतें। जमाना वो कुछ और था, दिल मे सच्चा प्यार था, ज़िंदा था इंसानियत रगों में, जीने का अंदाज़ कुछ और था। अब न रहे वो रिस्तो में अपनापन, भीड़ में भी सताये तन्हापन, गुमनाम है इस्क्क़ कहीं दिखावे के आड़ में, पलContinue reading “Missing childhood moments”

Wakt – Time

वक़्त भी एक उलझती पहेली है, कभी आंधी है मुस्किलो से भरा तो कभी उमीद का सवेरा, कभी टूटे सपनो का आशियाना तो कभी अरमानों का बसेरा। वक़्त के साथ यूँ चलते ही जाना है, गिर भी जाए तो खुद ही संभलना है, हार तो है बस पल भर का मेहमान और जीत को हमसफरContinue reading “Wakt – Time”