#wapasi

आज फिर से लौट रही हूं उस जगह,जहां में खुद से रूबरू हुआ था…मुद्दतों के बाद खुद को सवारा था…एक आशियाना सजाया था उन अपनों के संगजिनके साथ होने से खुद को इस काबिल बनाया था.. इस कदर खुस हूं कि आज ये इंतज़ार ख़तम हुआ,मानो फिर से मेरा नया जन्म हुआ… वही गलियां होंगेContinue reading “#wapasi”

#Relationship

As usual a thought came after watching the 2nd season of webseries “Barish” प्यार एक ऐसा रिश्ता जो सुरु होता हैमासूमियत से भरी एहसास से। एक दूजे कि कदर करना..बिन बोले भी समझ लेना..कीसिकी खूबी या खामियों के साथउस रिश्ते को कबूल करना…शायद ऐसे ही रिश्ते को निभाना होता है,वक्त के साथ सफर भी यूंContinue reading “#Relationship”

Life in city / village

This poem is inspired by the webseries panchayat. आज तकदीर ने ये कैसा मोड़ लाया है,शहर छोड़ कर गांव में खुदको पाया है। सुरुवात का दौर था घुटन से भरा,सजा थी या कुछ और कोई बतादो जरा। शहर की बेपरवाह जिंदेगी याद आती हमे,वीकेंड्स के लेट नाइट पार्टीज फिर बुलाती हमे। चौड़े से सड़केया ऊंचीContinue reading “Life in city / village”