Crush – unrequited Love

यूँ मोहब्बत होगेई हमें तुमसे,
हुई वो हसीन मुलाकात जिस पल्से,
न इजाजत थी पलको को तुम्हें निहारने की,
फिर भी देखा तुम्हे झुकी निगाहों से।

सोचा न था, खुदा की हमपे रहमत होगी,
इस्क्क़ से फिर यूँ इब्बादत होगी,
नैनो में सजाये सपनो की दुनिया,
इस ज़िंदगी से और शिकायत न होगी।

था खुली आँखों का सपना जो टूट गया,
आँख मिचौली खेलती ये किस्मत फिर रूठ गया,
पता न था वो मंजिल थे किसी और के,
और सफर उस राह से कहीं मूड गया।

Written by Prabhamayee Parida

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s