Khwahish

तू हर कदम मेरे साथ चले ये ख्वाहिश कभी ना थी। तू हर लम्हा मेरे करीब रहे, ऐसी तकाजा कभी ना थी। गुज़ारिश बस इतनी सी, दूर से ही सही, तुझे दीदार करने की इजाजत हो। नोकझोक भी हो और बातें करे बेसुमर, बस ऐसी किस्मत हो। कुछ मांगे तू मुझसे , उससे कायम करनेContinue reading “Khwahish”

Crush – unrequited Love

यूँ मोहब्बत होगेई हमें तुमसे, हुई वो हसीन मुलाकात जिस पल्से, न इजाजत थी पलको को तुम्हें निहारने की, फिर भी देखा तुम्हे झुकी निगाहों से। सोचा न था, खुदा की हमपे रहमत होगी, इस्क्क़ से फिर यूँ इब्बादत होगी, नैनो में सजाये सपनो की दुनिया, इस ज़िंदगी से और शिकायत न होगी। था खुलीContinue reading “Crush – unrequited Love”