#Poetry

Wrote it after a long time..

लोगों को अक्सर ये सलाह देते हुए सुना है,
कब तक रहोगे अकेले , क्यूं कोई हमसफ़र नहीं चुना है।
ना होता हर कोई एक जैसा जो वफा ना निभाए,
मौका दो खुदको शायद ही कोई मिलजाए।

दिक्कत बस इतनी सी है जनाब:
आज कल का प्यार मेरे समझ से है परे,
दिल में हो ना हो , सोशियल मीडिया में दिखते हैं सारे।

कहते हैं,
नसीब वाले होते हैं वो,
जिन्हे अपना प्यार मुक्कमल होता है।
आज कल तो बरसो से जुड़ी हुई रिश्ते
एक पल में ही टूट जाता है।

कभी अपने हालात पे अफसोस मनाया करती,
शायद हूं बदनसीब हर लम्हा ये सोचा करती।

ए- खुदा एहसान ये तेरा मूझपे,
बेफिकर में जियुं अपने सर्तो पे।
ऐसा नहीं कि हमें कोई मिला नहीं,
गरूर कहो या हकीकत, मुझे अपने जैसा कोई दिखा नहीं।

Written by prabhamayee Parida

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One thought on “#Poetry

  1. ए- खुदा एहसान ये तेरा मूझपे,
    बेफिकर में जियुं अपने सर्तो पे।
    ऐसा नहीं कि हमें कोई मिला नहीं,
    गरूर कहो या हकीकत, मुझे अपने जैसा कोई दिखा नहीं।
    Amazing lines

    Like

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