Gulab – 🌹 Rose

चाहे करना हो प्यार का इजहार,
या फिर हो दोस्ती की शुरूवात,
रूठे यार को मनाना हो,
या हो अपने मेहबूब से मुलाक़ात,
अपनी खुसबू और खूबसूरती से लुभाता है ये गुलाब🌹
कहते हैं प्यार की परिभाषा है ये गुलाब🌹

कभी किताबों के बीच याद बनके रेहजाती है,
मुरझाए पंखुड़ियां भी बीती कहानी बयान करजाती है,
होती जीकर उसकी कवि की कविताओं में,
या किसी ग़ज़ल के पंक्तियों में या फिर शीर्षक बनजाते हैं।

कांटो से जुड़कर भी कुछ खास है, ये गुलाब🌹
कहते हैं प्यार की परिभाषा है ये गुलाब🌹

Happy rose day to all।

Written by prabhamayee parida

One thought on “Gulab – 🌹 Rose

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