Poem, Uncategorized

Ek nayi suruwat – a fresh start

ज़िन्दगी कभी खतम नहीं होती,
खतम होते हैं पुराने किस्से
नए सुरूवात के लिए।
मुड़ गए हम एक नए राह पर,
बीते कल को भुलाने के लिए।

माना कि चुनना था मुश्किल,
जरूरत और सकून के बीच,
हमने तसल्ली को चुनना मुनासिफ समझा
खुद को ज़िंदा रखने के लिए।

Written by prabhamayee parida

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Jindegi kabhi khatam Nehi Hoti,
Khatam Hote hain purane kisse,
Nayi suruwat ke liye.
Mud Gaye ek naye rah pe ,
Bite kal ko bhulane ke liye.
Mana ki chunna tha muskil,
Jarorat aur sakoon ke beech,
Humne tasali Ko chunna munasif samajha
Khudko Zinda rakhne ke liye.

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Kehne Ko Humsafar hain

A thought came after watching the webseries
Kehne Ko Humsafar Hain Season 2 – Ronit Roy, Mona Singh
That thought made me to write this.

कहने को हमसफर हैं।
होती हैं बातें अक्सर,
चाहत नहीं जरूरत बनकर,
साथ होते तो हैं एक दूसरे के,
सायद मिलते हैं अजनबी होकर।

कहने को हमसफर हैं।
वो प्यार तो खो गया है,
वो पल तो कहीं गुम सा हुआ है,
रिश्तों की ज़िम्मेदारी निभाते चले
पर वो एहसास कहीं बूझ सा गया है।

केहन को हमसफर हैं।
पहले तो प्यार खुद से भी था जिसपे तुम मर मिटे थे,
कबसे हम खुद को भुला के तुमसे जुड़ चुके थे,
खयाल ये भी ना रहा कि हम तो हम रहे ही नहीं।
और एहसाह हुआ अब ए- हमसफर
तुम तो हो अब और कहीं।

Written by Prabhamayee Parida