photography, Poem, Uncategorized

The Moon & my imagination

इस मसरूफ जिंदेगी से रुकसत हुए हम,
तो नजर तुझपे आ गिरी,
ए चांद तेरे हुस्न को ताकते रहे
और ये दिल तुझपे बारी।

एक अकेला तू,
मिटा के रात का अंधेरा।
अपनी रोशनी से
करे ये जग उजियारा।
अल्फाज़ की कमी है तेरे दीदार को,
तुझ बिन तो
हर सवेरा भी है अधूरा।

#photography & #poetry

By @Prabhamayee parida

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I am in love with myself

आज कौन हूं में ।
बरसो पहले कहीं गुम हुई थी,
कहीं वो तो नहीं…
पलकों में ऊंचाइयों के सपने बुनती थी,
कहीं वो तो नहीं…

आज खुश हूं खुदको पाके,
फिर से उड़ने की उमंग जगा के,
जो कल धूल जमी थी आंखों में, आज
साफ किया गलतफहमी के पर्दे हटाके।

हां मै वही तो हूं,
चाहे हो लाखों मुश्किलें पर कभी सिकायत न की थी।
हां मै वही तो हूं,
अपनों के चेहरे पर मुस्कुराहट को अपना फ़र्ज़ मानती थी।
हां मै वही तो हूं,
नकामियाबी को हसके किया स्वागत पर उससे समझौता न की थी।

खुदको गले लगा के पूछा मैंने ये सवाल,
क्यों हो इतनी खास, जुदा हो तुम औरोंसे..
ना होगा कोई तुमसा,जा केहदो जमानेसे..

Written by prabhamayee parida

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Diary – my best friend

औरसों से साथ दिया तूने,
खामोश रहके भी दर्द कम किया तूने,
लगता ऐसा के में तुझमें हुन और तु मुझमें,
मेरी कहानी को खुदमे समाया तूने।

तेरे पन्नो से जुड़ी है ज़िंदगी मेरी,
कुछ न कहा फिर भी सुना दास्तान मेरी,
राज़ रहेंगे मेरी कहानियां ये यकीन है तुज पे,
चाहे वो मुस्कुराहट के पल या जुड़ी हो आँसुओं से मेरी।

कुछ बातें दिल मे दफ़नाए पर जीकर किया तुजसे,
प्यारी यादें या हो टूटे बादें ,कभी न छुपाया तुजसे,
कभी गलेसे लगा के रोई तो कभी गुस्से से कुछ पन्नो को जलाया,
पर इस बदलती दुनिया मे, बस एक किताब नही तू,
जुड़ा गया है एक अनकही रिस्ता तुझसे।

Written by Prabhamayee Parida