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Self motivation

वक़्त भी एक उलझती पहेली है,

कभी आंधी है मुस्किलो से भरा
तो कभी उमीद का सवेरा,
कभी टूटे सपनो का आशियाना
तो कभी अरमानों का बसेरा।

वक़्त के साथ यूँ चलते ही जाना है,
गिर भी जाए तो खुद ही संभलना है,
हार तो है बस पल भर का मेहमान
और जीत को हमसफर ही माना है।

डर न जाना तूफान से
लेहरों के संग तुझे बहते जाना है,
इन्तेहा तो लेती रहेगी ये ज़िन्दगी
कामियाबी तुझे हर हाल में पाना है।

Written by prabhamayee parida

Self motivation -2

घड़ी के कांटे की तरा समय खूब तेजी से भागे,
और उस वक्त के साथ पता न चला कब निकल आये इतने आगे. यूँ ही वक्त बदलता रहा, सफर युहीं चलता रहा.
बदली दुनिया, लोग भी बदले, और वक्त के सुर में हम भी बदले, पर शान से स्वाभिमान से आज भी जीते है और ये कायम रखेंगे खुद से हमारा ये वादा रहा.
ज़िन्दगी ने रुलाया तो कभी हसाया भी,
मुस्किलो के साथ जीना सिखाया भी,
खोने की अफ़सोस नही क्यों कि इस सफर में खुद कोपाया भी. अब थामना नही ,रुकना नही क्योंकि मंज़र अभी भी दूर कहीं, चलते जाना है मंजिल के राह में चाहे साथ कोई रहे या नहीं.

Written By
Prabhamayee Parida

Udaipur – Lake city of India

After spending my 2days in mount abu ( the only hill station of rajastan), today is the third day of my trip and currently I am in Udaipur ( the lake city of India). I had assumed before visiting Udaipur that the temperature must be above than 40degree. But I am really glad that it’s completely opposite to my instinct. Not like mount abu but yes I enjoyed the whole day and completed my today’s trip with 7 awesome places of udaipur.

View of this beautiful city sorrounded by lakes & mountains.

#fatehsagarlake #lakepichola

PC – prabhamayee

A poem dedicated to myself

आज अचानक मुझे ये क्या हुए है,
लगता है कुछ बदल रहा है,
ये एहसास जो पहले कभी मेहसूस ना हुआ,
मेरी किस्मत शायद अपनी राह मोड रही है।

अपनी सक्सियत में भूल गई थी,
ये नहीं थी में कभी, जो में बन चुकी थी,
काश होती मेरी दुनिया अरों की तरह
कल तक किस्मत से ये उम्मीद की थी।
पर हूं में औरों से अलग , भावनाओं में बेहकी जरूर थी,
पर कमजोर तो में तब भी नहीं थी।

ना अब कोई सिकवा है किसिसे,
ना है नाराजगी इस ज़ि्दगी से,
फिर से दिमाग के बदले चुना है अपने दिल को,
इस बहाने आज रूबरू हुई हूं मैं खुदसे।

Written by prabhamayee parida