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Self motivation

वक़्त भी एक उलझती पहेली है,

कभी आंधी है मुस्किलो से भरा
तो कभी उमीद का सवेरा,
कभी टूटे सपनो का आशियाना
तो कभी अरमानों का बसेरा।

वक़्त के साथ यूँ चलते ही जाना है,
गिर भी जाए तो खुद ही संभलना है,
हार तो है बस पल भर का मेहमान
और जीत को हमसफर ही माना है।

डर न जाना तूफान से
लेहरों के संग तुझे बहते जाना है,
इन्तेहा तो लेती रहेगी ये ज़िन्दगी
कामियाबी तुझे हर हाल में पाना है।

Written by prabhamayee parida

Kehne Ko Humsafar hain

A thought came after watching the webseries
Kehne Ko Humsafar Hain Season 2 – Ronit Roy, Mona Singh
That thought made me to write this.

कहने को हमसफर हैं।
होती हैं बातें अक्सर,
चाहत नहीं जरूरत बनकर,
साथ होते तो हैं एक दूसरे के,
सायद मिलते हैं अजनबी होकर।

कहने को हमसफर हैं।
वो प्यार तो खो गया है,
वो पल तो कहीं गुम सा हुआ है,
रिश्तों की ज़िम्मेदारी निभाते चले
पर वो एहसास कहीं बूझ सा गया है।

केहन को हमसफर हैं।
पहले तो प्यार खुद से भी था जिसपे तुम मर मिटे थे,
कबसे हम खुद को भुला के तुमसे जुड़ चुके थे,
खयाल ये भी ना रहा कि हम तो हम रहे ही नहीं।
और एहसाह हुआ अब ए- हमसफर
तुम तो हो अब और कहीं।

Written by Prabhamayee Parida

The Moon & my imagination

इस मसरूफ जिंदेगी से रुकसत हुए हम,
तो नजर तुझपे आ गिरी,
ए चांद तेरे हुस्न को ताकते रहे
और ये दिल तुझपे बारी।

एक अकेला तू,
मिटा के रात का अंधेरा।
अपनी रोशनी से
करे ये जग उजियारा।
अल्फाज़ की कमी है तेरे दीदार को,
तुझ बिन तो
हर सवेरा भी है अधूरा।

#photography & #poetry

By @Prabhamayee parida

I am in love with myself

आज कौन हूं में ।
बरसो पहले कहीं गुम हुई थी,
कहीं वो तो नहीं…
पलकों में ऊंचाइयों के सपने बुनती थी,
कहीं वो तो नहीं…

आज खुश हूं खुदको पाके,
फिर से उड़ने की उमंग जगा के,
जो कल धूल जमी थी आंखों में, आज
साफ किया गलतफहमी के पर्दे हटाके।

हां मै वही तो हूं,
चाहे हो लाखों मुश्किलें पर कभी सिकायत न की थी।
हां मै वही तो हूं,
अपनों के चेहरे पर मुस्कुराहट को अपना फ़र्ज़ मानती थी।
हां मै वही तो हूं,
नकामियाबी को हसके किया स्वागत पर उससे समझौता न की थी।

खुदको गले लगा के पूछा मैंने ये सवाल,
क्यों हो इतनी खास, जुदा हो तुम औरोंसे..
ना होगा कोई तुमसा,जा केहदो जमानेसे..

Written by prabhamayee parida

Diary – my best friend

औरसों से साथ दिया तूने,
खामोश रहके भी दर्द कम किया तूने,
लगता ऐसा के में तुझमें हुन और तु मुझमें,
मेरी कहानी को खुदमे समाया तूने।

तेरे पन्नो से जुड़ी है ज़िंदगी मेरी,
कुछ न कहा फिर भी सुना दास्तान मेरी,
राज़ रहेंगे मेरी कहानियां ये यकीन है तुज पे,
चाहे वो मुस्कुराहट के पल या जुड़ी हो आँसुओं से मेरी।

कुछ बातें दिल मे दफ़नाए पर जीकर किया तुजसे,
प्यारी यादें या हो टूटे बादें ,कभी न छुपाया तुजसे,
कभी गलेसे लगा के रोई तो कभी गुस्से से कुछ पन्नो को जलाया,
पर इस बदलती दुनिया मे, बस एक किताब नही तू,
जुड़ा गया है एक अनकही रिस्ता तुझसे।

Written by Prabhamayee Parida

Kingdom of Dreams – Gurgaon

Kingdom of Dreams is India’s first live entertainment, theatre and leisure destination. It is located in Gurgaon & for the first time I visited this place few days back though I am staying here from last 6 yrs . I heard a lot earlier about this place and recommended by most of the people . But couldn’t plan it earlier. Finally got a chance to visit the place because one of my colleague’s birthday. When I enter into this place the first word in mind ” out of the world”. I felt like I was not in Gurgaon and this place belongs to a different world. The architecture, ambience & ofcourse food . I couldn’t visit the theatre for live performance as it requires a whole day to spend your time & to live every moment of your life.

Sharing some pictures which may create an interest to visit this place.

#entranceofKOD

I visited this place at night but because of the interior setup & creativity it seems like evening.


This fabulous Kingdom brings to life a blend of India’s art, culture, heritage, craft, cuisine and performing art…all with the technological wizardry of today.
This is a destination in itself which is capturing the wonderful imagination of the world.

#worthvisiting

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