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Self motivation

वक़्त भी एक उलझती पहेली है,

कभी आंधी है मुस्किलो से भरा
तो कभी उमीद का सवेरा,
कभी टूटे सपनो का आशियाना
तो कभी अरमानों का बसेरा।

वक़्त के साथ यूँ चलते ही जाना है,
गिर भी जाए तो खुद ही संभलना है,
हार तो है बस पल भर का मेहमान
और जीत को हमसफर ही माना है।

डर न जाना तूफान से
लेहरों के संग तुझे बहते जाना है,
इन्तेहा तो लेती रहेगी ये ज़िन्दगी
कामियाबी तुझे हर हाल में पाना है।

Written by prabhamayee parida

#Metime

My thought after watching “House Arrest ” in Netflix. Spend sometime for yourself , you will start loving youself.

कभी खुद के साथ वक्त बिता लेना चाहिए,
खुद से गुप्तगु भी कभी कर लेना चाहिए,
क्यों ना वो पल हो किताबो के साथ….
या हो घंटो पोधौं के संग बात…..
बालकनी से गुजरते लोगों पे गौर फरमाना…
और अजीबो गरीब खयालात दिमाग में लेना…
शायद ये कौशिश जरूरी है
खुद से वाकिफ होना।
थोड़ा सा मुस्किल जरूर मगर नामुमकिन नहीं, तन्हाई में भी खुश रहना।

Written by prabhamayee Parida

#Motivation

जिंदगी सफर बडा, राह भी अजीब हैं।

हर एक मुकाम के लिए, मुश्किलें खडी भी हैं।

इस पथ को चुनू या लौट जाऊं यहां से,
मन के सामने विडम्बना अजीब है।

फिर ख्याल आता कभी, कि क्यूं विराम की तलाश में, मन मचल रहा मेरा

ऊँचाई कितनी भी हो, फासला तय कदम ही करे।
मन जो ठान ले एक बार तो ऊँचाई भी मैदान बनें।

Written by Asha….

Promoting this poem on behalf of a strong woman who shared her message for all.

Kindly help me in sharing her message.

#like #share #comment

Khwahish

तू हर कदम मेरे साथ चले
ये ख्वाहिश कभी ना थी।
तू हर लम्हा मेरे करीब रहे,
ऐसी तकाजा कभी ना थी।

गुज़ारिश बस इतनी सी,
दूर से ही सही, तुझे दीदार करने की इजाजत हो।
नोकझोक भी हो और बातें करे बेसुमर,
बस ऐसी किस्मत हो।

कुछ मांगे तू मुझसे ,
उससे कायम करने की है ये सुरूर।
काश तू याद करे मुझे
कहीं भी रहूं में आऊंगी जरूर।
हो सके तो इस मोहब्बत को पागलपन ना समझना ,
कोई आश नहीं तुझसे फिर भी इश्क है, बस इतना है कसूर।

Written by prabhamayee parida

Crush – unrequited Love

यूँ मोहब्बत होगेई हमें तुमसे,
हुई वो हसीन मुलाकात जिस पल्से,
न इजाजत थी पलको को तुम्हें निहारने की,
फिर भी देखा तुम्हे झुकी निगाहों से।

सोचा न था, खुदा की हमपे रहमत होगी,
इस्क्क़ से फिर यूँ इब्बादत होगी,
नैनो में सजाये सपनो की दुनिया,
इस ज़िंदगी से और शिकायत न होगी।

था खुली आँखों का सपना जो टूट गया,
आँख मिचौली खेलती ये किस्मत फिर रूठ गया,
पता न था वो मंजिल थे किसी और के,
और सफर उस राह से कहीं मूड गया।

Written by Prabhamayee Parida

Thanks Note

Dear All,

I used to write my poems in my diary. 2yrs back I had Started this website so that I can upload my poems & quotes . With my limited time however I publish my post here. I am not an expert in poetry or photography. But I love to write. Today I am having more than 500 followers ( including 120 bloggers) which I never expected.

Thanks to all for your support in terms of your likes . It motivates me to continue my blogging.

#2yrscompletion

#achievement